Ishwar Ko Jai-Jaikaar

 

 

 

ईश्वर की जय जयकार !

उसकी है सीमा अपार 

जिसने उठाया मेरा भार 

जीवन की नाव कर दी किनार !

 

जीवन का उस से पानी मिले 

सच्ची तस्सली रूह को मिले 

दुनियाबी दुःख और ग्रम न मिले 

जीवन की सारी आशिष मिले !

 

जब व में पापी, रूह वो बीमार 

आया बचाने सुन के पुकार 

तोड़ी गुनाह की उसने दिवार

जीवन में लाया मेरे बहार !

 

Ishwar Ki Jai-Jaikaar

Uski Hai Seema Apaar

Jisne Uthaya Mera Bhaar

Jeevan Ki Naav Kar Di Kinaar

 

Jeevan Ka Uss Se Paani Mile

Sachchi Tassali Rooh Ko Mile

Duniyabi Dukh Aur Gram Na Mile

Jeevan Ki Saari Aashish Mile

 

Jab Va Mein Papi, Rooh Vo Bimaar

Aaya Bachane Sun Ke Pukaar

Todi Gunaah Ki Usne Diwaar

Jeevan Mein Laya Mere Bahaar

 

  प्रभु इस गीत के द्वारा आप सब को आशीष दे